Sunday, May 24, 2020

राजेश रोशन ने सुनाया किस्सा, शूटिंग रोक अमिताभ ने फोन कर कहा था- राजू इस गाने को थोड़ा-सा स्लो कर दो May 23, 2020 at 10:03PM

प्रसिद्ध संगीतकार राजेश रोशन आज रविवार को 65 साल के हो गए। उनका जन्म 24 मई 1955 को हुआ था। हालांकि कोरोना वायरस महामारी के चलते इस बार वे अपना बर्थडे सेलिब्रेट नहीं कर रहे हैं। जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ गीत-संगीत से जुड़ी दिलचस्प बातें शेयर की। पढ़िए पूरी बातचीत:

सवाल- कोरोना वायरस की महामारी के चलते बड़ी कठिन परिस्थिति है। ऐसे में बर्थडे सेलिब्रेट करने का कोई खास प्लान बनाया है?

राजेश रोशन- अब तक रेगुलर बर्थडे मनाते आया हूं। राकेश रोशन, ऋतिक रोशन सहित पूरी फैमिली साथ होती थी, तब खूब मजा करते थे। शुरू से ऐसा ही रहा है, लेकिन इस बार महामारी के चलते कोई नहीं मिल पाएगा। सच कहूं तो इस साल बर्थडे सेलिब्रेट करने जैसा कुछ मूड ही नहीं है। इस बार किसी का आना-जाना नहीं होगा। बर्थडे है, इसलिए घर पर कुछ अच्छा खाना बनाकर खा लेंगे।

सवाल- 'कहो ना प्यार है' फिल्म का म्यूजिक काफी हिट रहा। उस दौरान का कोई वाकया शेयर करेंगे कि कैसे फिल्म में एक से बढ़कर एक गाने छांटे गए?

राजेश रोशन- उस समय ऋतिक को इंट्रोड्यूस करना था, इसलिए सारा जोर लगा दिया था। सब लोगों ने मिलकर जोर लगाया तो पिक्चर भी अच्छी बनी। यह कंबाइन एफर्ट होता है, जो सिर्फ गाने से नहीं चलेगा पिक्चराइजेशन भी होना चाहिए। गाने के साथ हीरो और हीरोइन भी अच्छे होने चाहिए। यह सारा कंबाइन एफर्ट है। हां, इसमें आशा भोसले जी का गाना- 'जानेमन जानेमन...' पिक्चर रिलीज होने के 10 सप्ताह बाद एड किया गया था। इसके गाने काफी धूम मचा रहे थे और पिक्चर भी पिक हो गई थी। पिक्चर में एक गाने की गुंजाइश थी, तभी भाई ने बोला कि एक गाना और बनाइए, तब शायद पिक्चर और चल पड़े। जब 'जानेमन जानेमन...' गाना जोड़ा गया, तो पिक्चर पांच सप्ताह और हाउसफुल गई थी।

सवाल- रिकॉर्डिंग के वक्त का कोई ऐसा वाकया बताइए, जब आपको लग रहा हो कि आपके मन मुताबिक रिकॉर्ड नहीं हो रहा है?

राजेश रोशन- फिल्म 'याराना' का एक गाना था, 'छूकर मेरे मन को...' इसे मैंने पहले रिकॉर्ड किया था। इसे कोलकाता में एक बहुत बड़े स्टेडियम में अमिताभ बच्चन साहब शूट कर रहे थे। स्टेडियम में साढ़े 12 हजार ऑडियंस रही होगी। लेकिन उस समय उनको गाना अच्छा नहीं लग रहा था, तब उन्होंने शूटिंग रोक दी। सुबह साढ़े दस का टाइम रहा होगा, उन्होंने मुझे फोन करके कहां कि राजू इस गाने को थोड़ा-सा स्लो कर दो, क्योंकि यह गाना मुझे बहुत तेज लग रहा है। खैर, उन्हें तर्क देकर समझाया, तब वे मान गए। उन्होंने कहा कि अगर म्यूजिक डायरेक्टर कह रहे हैं तो अच्छा ही होगा। चलो शूटिंग शुरू करो।

सवाल- सुना है कि बच्चन साहब अपनी बातों पर अडिग रहते हैं। आखिर उन्हें कैसे मनाया?

राजेश रोशन- नहीं-नहीं वो ऐसे नहीं हैं। वे तो बिल्कुल फ्लेक्सिबल हैं। उनको बात जंच जानी चाहिए कि सामने वाला कितने दिल से बोल रहा है। बहुत उम्दा आदमी हैं। वे सामने वाले के टोन से समझ जाते हैं कि वह क्या बोलना चाह रहा है। बड़े डीप किस्म के आदमी हैं न! उन्हें लगता है कि यह आदमी काम नहीं करना चाह रहा है और यह गाना मुझ पर लपेट रहा है तो उसे बखूबी समझ जाते हैं।

सवाल- इस तरह से भाई राकेश रोशन के साथ किसी गीत-संगीत को लेकर राय-मशवरा देने पर कोई वाकया हुआ हो?

राजेश रोशन- एक गाना था'तुझ संग प्रीत लगाई सजना...' यह कामचोर का गाना है। इसे 'मि. नटवरलाल' फेम डायरेक्टर राकेश कुमार को सुना रहा था, लेकिन उन्हें पसंद नहीं आया। उसी दौरान राकेश रोशन साहब बाहर बैठे हुए थे, क्योंकि इनके बाद उनकी सिटिंग थी। उन्होंने दूर से गाना सुना। जब अंदर आए तो पूछने लगे कि यह किसका गाना है? मैंने बताया- राकेश कुमार साहब के लिए बनाया था, लेकिन अब उन्हें पसंद नहीं आ रहा है। तब उन्होंने कहा कि यह गाना मुझे अच्छा लग रहा है, यह गाना मुझे दे दो। यह गाना राकेश कुमार के लिए जो बनाया था, वह शायद 'दिल तुझको दिया...' में रखने वाले थे।

सवाल- आपके अपने डायरेक्ट किए हुए गानोंमें आपको सबसे ज्यादा कौन से पसंद हैं। उनकी मेकिंग का आइडिया कैसे आया?

राजेश रोशन- आइडिया तो आता ही रहता है। जो गाने अच्छे लगते हैं, वे 'थोड़ा है थोड़े की जरूरत है...', 'दिल क्या करे...', 'तेरे जैसा यार कहां...' आदि हैं। तेरे जैसा यार... के साथ भी एक सिमिलर हो गया था। यह गाना देवानंद साहब के लिए बनाया था। यह गाना 'देश-परदेश' फिल्म के लिए था। इसी दौरान मुझसे 'याराना' फिल्म का गाना बन नहीं रहा था। जब निर्माता नाडियाडवाला मेरे पास आए, तब मैंने कहा कि भाई आपका गाना तो मुझसे बन नहीं रहा है। हां, एक गाना देवानंद साहब के लिए बनाया है। इसे सुन लो। उन्होंने सुनते ही बोला- अरे बाप रे! यह तो सुपरहिट गाना है। इसे मुझे दे दो। इस तरह यह गाना 'देश-परदेश' में ना जुड़कर 'याराना' में जुड़ गया। इंडस्ट्री में इस तरह के किस्से तो बहुत होते हैं।

सवाल- अच्छा क्या यह बात सही है कि बचपन में आपको गीत-संगीत में कोई दिलचस्पी नहीं थी। मां के साथ सीखते-सीखते दिलचस्पी बढ़ी और आज इस मुकाम पर हैं?

राजेश रोशन- हां-हां, यह बात बिल्कुल सही है। उस समय मां को सिखाने के लिए उस्ताद फैयाज अहमद खान साहब आते थे। वह मेरी माता जी को गाना सिखाते थे। मैं भी साथ में बैठ जाता था। थोड़ा-थोड़ा करके यहीं से शौक चढ़ गया। फिर तो वे मुझे सिखाने लग गए। यहां से मैंने तालीम हासिल की और आज यहां तक पहुंचा हूं। उस समय मैं कुछ नाइंथ स्टैंडर्ड में था। कुछ 14-15 साल की उम्र रही होगी।

सवाल- आज जिस तरह से फिल्मों में रीमिक्स गाने गाए जा रहे हैं। उन पर क्या कहेंगे?

राजेश रोशन- देखिए रीमिक्स करने में हर्ज नहीं है। लेकिन रीमिक्स करने वालों को उस स्टैंडर्ड तक पहुंचना चाहिए जिस स्टैंडर्ड का गाना है, बल्कि उससे भी आगे जाना चाहिए। अगर गाना 100 है, तब उसे अगर 20-25 बनाएंगे तो गाना बिगड़ जाता है और वह मुझे अच्छा नहीं लगता है। अगर आप बना रहे हो तो ओरिजिनल से अच्छा बनाओ, या फिर उससे थोड़ा कम भी नहीं होना चाहिए।

सवाल- आखिर में वही सवाल दोहराना चाहूंगा। 'कहो ना प्यार है' फिल्म के किसी गाने को रचने का रोचक वाकया बताइए, ताकि बात बन जाए?

राजेश रोशन- रुकिए! थोड़ा सोचने दीजिए। उस समय मैं और राकेश, दोनों ऋतिक के लिए नए सिरे से काम करने लग गए थे। मुझे याद है हमने अपने आपको थोड़ा ढीला छोड़ा था। ढीला का मतलब कुछ तुम सुनाओ कुछ मैं सुनाऊं। कोई और बैठा है तो वह भी सुनाएं। हमारे में फ्लैक्सिबिलिटी बहुत थी। इसलिए इस फिल्म के गाने इतने अच्छे बने। हम चाहते तो उदित नारायण या कुमार सानू से गाने ले लेते, लेकिन हमने कहा चलो इसमें लकी अली को ले लेते हैं। देखते हैं, क्या होता है। क्योंकि उस समय लकी अली फिल्मों में गाने गाते नहीं थे। ''देखते हैं क्या होता है'' का जो एटीट्यूड होता है, वह एक क्रिएशन की खोज करने वाला होता है। यह हमने इसमें की। इसमें विजय अकेला को भी पहली मर्तबा चांस दिया, जिन्होंने 'एक पल का जीना...' दिया। अब इस बात को कौन मानेगा, क्योंकि हर डायरेक्टर को एक बड़ा राइटर चाहिए होता है। आमतौर पर ऐसा ही होता आया है, उस बैरियर को कोई तोड़ना नहीं चाहता है। लेकिन कुल मिलाकर फ्लैक्सिबल होना बहुत अहम चीज है।

सवाल- लॉक डाउन का चौथा चरण चल रहा है। इसमें अपने फैंस को अगर कुछ कहना चाहेंगे तो वह क्या है?

राजेश रोशन- मैं यही कहना चाहूंगा कि इतनी टेंशन और मुसीबत में आपको एक चीज जरूर काम आएगी वह है- अच्छा संगीत। आप अपने मनपसंद संगीत के रोजाना सुबह-शाम दो मर्तबा कम से कम एक-एक गाना जरूर सुनें। इससे आपकी जितनी नेगेटिव एनर्जी है, वह थोड़ी कम होगी। यह मिट तो नहीं सकती, क्योंकि बार-बार हम न्यूज़ वगैरह देखते हैं, जो हमें याद आती रहती है। लेकिन यह एनर्जी पॉजिटिविटी में थोड़ा चेंज करेगी। देखिए, आपको जिसका भी संगीत पसंद है, उसका सुनिए, पर सुनिए जरूर। यह म्यूजिक थेरेपी का काम करेगा, इससे मिजाज ठीक होगा, ब्लड प्रेशर ठीक होगा, आपके चेहरे पर स्माइल आएगी। यही मेरा मैसेज है।



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प्रसिद्ध संगीतकार राजेश रोशन का जन्म 24 मई 1955 को अपने जमाने के मशहूर संगीतकार रोशन साहब के घर हुआ था। राजेश डायरेक्टर राकेश रोशन के छोटे भाई और ऋतिक रोशन के काका हैं।

स्मृति ईरानी ने की मजदूरों के मसीहा सोनू सूद की तारीफ, लिखा- तुमने जो दया दिखाई है उस पर मुझे गर्व है May 23, 2020 at 09:48PM

फिल्मों में विलेन के तौर पर मशहूर एक्टर सोनू सूद रीयल लाइफ में सुपरहीरो बनकर सामने आए हैं। 750 से ज्यादा प्रवासियों को उनके घर भेज चुके सोनू की तारीफ अब केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी नेभी की है। स्मृति ने लिखा-सोनू, तुमने जरूरतमंदों के लिए जो दया दिखाई है उस पर मुझे गर्व है।

ट्वीट किया शेयरस्मृति ने

साेनू के एक ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा- अपने साथी कलाकार के तौर पर मैं तुम्हें 2 दशकों से जानती हूं सोनू। एक एक्टर के तौर पर तुम्हारा सामने आना मैंने सेलिब्रेट किया है। लेकिन आज के इन मुश्किल हालातों में जो दया तुमने दिखाई है उसने मुझे गर्व करने का मौका दिया है। जररूतमंदों की मदद का शुक्रिया।

लगातार मदद कर रहे हैं सोनू

सोनू सूद के साथ घर भेजो पहल में नीति गोयल भी मदद कर रहीं हैं। दोनों ने अब तक 20 बसों के जरिए कर्नाटक और यूपी के 750 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार एक बस के आने-जाने में करीब 64 हजार से पौने दो लाख तक का खर्च आता है। यह पूरा खर्च ये दोनों ही उठा रहे हैं।

ट्वीट भी कर रहे शेयर

सोनू सूद उन लोगों के नंबर और ट्‌वीट भी शेयर कर रहे हैं, जो उन्हें टैग करते हुए मदद मांग रहे हैं। इनमें से कई स्टूडेंट्स भी हैं, जिनके लिए सोनू ने लिखा था कि मां से कह दो राेना बंद कर दें, तुम जल्द ही उन्हें देखोगे।



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Smriti Irani praised Sonu Sood and said- I am proud of the kindness you have shown

अबराम खान ने दिया सुहाना को अपने हाथों से बना क्यूट बर्थडे कार्ड, लिखा- ‘तुम दुनिया की सबसे अच्छी बहन हो’ May 23, 2020 at 09:34PM

शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान 22 मई को 20 साल की हो चुकी हैं। लॉकडाउन के बीच सुहाना ने अपने घर में हुए सेलिब्रेशन की कुछ झलक शेयर की हैं। जिसमें सुहाना ने भाई अबराम का दिया हुआ तोहफा भी दिखाया है। इस कार्ड को अबराम ने अपने हाथों बनाकर भावुक नोट लिखा है।
सुहाना ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें ग्लैमरस तस्वीरें और कुछ तोहफे दिख रहे हैं। तस्वीरों में अबराम का दिया हुआ गुलाब और एक कार्ड भी शामिल है। इस कार्ड में अबराम ने अपनी हैंडराइटिंग में लिखा, हैप्पी बर्थडे, ‘आई लव यू। तुम दुनिया की सबसे अच्छी बहन हो’।

20वे जन्मदिन पर पोस्ट शेयर करते हुए सुहाना ने लिखा, ‘मैं 10 सालों में 30 की होने वाली हूं’। साथ ही उन्होंने अपने घर की छत पर हुए फोटोशूट की भी तस्वीरें शेयर की हैं। स्लोमो में वो बेहद ग्लैमरस दिखाई दे रही हैं। सुहाना लॉकडाउन के पहले ही न्यूयॉर्क से मुंबई वापस आ चुकी हैं जिसके बाद से ही वो सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। इससे पहले सुहाना का इंस्टा अकाउंट प्राइवेट था जो अब पब्लिक प्रोफाइल बन चुका है।



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Abram Khan gave a beautiful birthday card to Suhana with his own hands written note, wrote- 'You are the best sister in the world'

Salman to unveil special music video on Eid May 23, 2020 at 09:55PM

Every year on the occasion of Eid, superstar Salman Khan surprises his fans by releasing his blockbuster films. Since 2009, he has been treating his fans with films like ‘Wanted’, ‘Dabangg’, ‘Sultan’, Bajrangi Bhaijaan’ and others on Eid. This year too, he was supposed to release his much-awaited film ‘Radhe: Your Most Wanted Bhai’ which also stars Disha Patani and Randeep Hooda.