Sunday, September 27, 2020

Deepika Padukone broke down thrice during questioning by NCB in drug probe  September 26, 2020 at 09:33PM

Bollywood actress Deepika Padukone appeared before the Narcotics Control Bureau (NCB) on Saturday morning and was questioned for five hours. According to sources in the NCB, Deepika broke down thrice during the questioning and was told not to play the "emotional card". 

Deepika Padukone broke down thrice during questioning by NCB in drug probe 

During the interrogation, the actress admitted that she discussed drugs with her manager Karishma Prakash in the WhatsApp chat retrieved by the NCB. As per reports, she was not asked anything in connection to actor Sushant Singh Rajput's death. 

Deepika Padukone was summoned by the NCB after they retrieved a chat where Deepika is seen asking for 'maal' to Karishma. On Friday, the NCB also said that the actress was the group admin of a WhatsApp group where drugs were discussed. Karishma Prakash and Sushant Singh Rajput's manager Jaya Saha were also part of the WhatsApp group. The NCB seized the actresses mobile phone post the interrogation. 

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भारतीय महिला के बदलते चेहरे को प्रतिबिम्बित करतीं शबाना आजमी, उनके चरित्र हर फिल्म में नई चुनौतियों का सामना करते हैं September 26, 2020 at 10:35PM

बीती 18 सितंबर को अभिनेत्री, सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व राज्यसभा सदस्य (मनोनीत) शबाना आजमी ने अपने 70 वसंत पूरे कर लिए। यह बड़े गर्व की बात है कि अपनी जिंदगी के सात दशक में से 46 साल उन्होंने सिनेमा को समर्पित किए हैं। फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने कभी कहा था कि जब भी हम भारतीय सिनेमा के अध्याय पलटेंगे, शबाना आजमी उसके टर्निंग पाइंट्स पर नजर आएंगी।

शबाना परदे पर भारतीय महिला के बदलते चेहरे को प्रतिबिम्बित करती हैं, न केवल आधुनिक, कामकाजी महिला के तौर पर, बल्कि एक गृहिणी के रूप में भी। पुराने दिनों में जहां हीरोइन सीता होती थी या शूर्पणखा, लेकिन शबाना ने अपने चरित्रों को ग्रे-शेड्स से लेकर यथार्थवादी अर्धांगिनी के विविध रूपों में मिश्रित कर दिया जो परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देते।

शबाना ने श्याम बेनेगल की ‘अंकुर’ से एक ग्रामीण महिला के रूप में अपने फिल्मी करिअर का आगाज किया था। लेकिन उन्होंने शुरुआत से ही कई तरह के सिनेमा में काम किया। अगर ‘अंकुर’ के कारण उन्हें ‘निशांत’ और ‘कनेश्वर राम’ जैसी कला फिल्में मिलीं तो कांतिलाल राठोड़ की ‘परिणय’ ने ‘कादम्बरी’ जैसे मध्यमार्गीय सिनेमा के लिए उनकी राह प्रशस्त की। शशि कपूर ‘फकीरा’ मूवी में शबाना आजमी के पहले मुख्यधारा के हीरो थे। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्हें ‘अमर अकबर एंथोनी’ और ‘परवरिश’ जैसी कमर्शियल फिल्में मिलने लगीं।

सरोकारों के समाधान की तलाश लगातार जारी रही और संदेश देने के लिए उनके फिल्म निर्माता उन पर ही भरोसा करते रहे। इसलिए अगर ‘निशांत’ में एक स्कूल शिक्षक की पत्नी सुशीला पीड़ित है, तो ‘शक’ में मीना जोशी अपने पति को सच बोलने के लिए कहती है। ‘स्वामी’ में सौदामनी अपने प्रिय को पाने की तमन्ना रखती है तो ‘जुनून’ में फिरदौस हमेशा कुछ न कुछ नुक्ताचीनी करती रहती है। ‘थोड़ी-सी बेवफाई’ में शबाना अपने पति की गलती के लिए माफ नहीं करतीं और ‘अर्थ’ में धोखेबाज पति के साथ फिर से दुनिया बसाने से इनकार कर देती हैं।

‘अर्थ’ फिल्म के आखिरी दृश्य में जब इंदर (कुलभूषण खरबंदा) अपने किए की माफी मांगते हुए घर लौटने की इच्छा जताता है तो पूजा (शबाना) एक ही सवाल पूछती है : जो काम तुमने किया है, अगर वही काम मैं करती और फिर वापस लौटना चाहती तो क्या तुम मुझे स्वीकार कर लेते? इंदर इनकार में सिर हिलाता है। तब पूजा कहती है - यही जवाब मेरा भी है।

भावना सोमाया, जानी-मानी फिल्म लेखिका, समीक्षक और इतिहासकार

‘मासूम’ में कोई महिला नहीं, बल्कि एक बच्चा उसकी हंसती-खेलती दुनिया के लिए खतरा बन जाता है। फिल्म की शुरुआत में इंदु (शबाना) का बर्ताव उस बच्चे (जुगल हंसराज) के प्रति काफी कठोर होता है। लेकिन निर्देशक शेखर कपूर यह दिखाने में कामयाब रहते हैं कि बच्चे के प्रति दुराव दरअसल उसके पति के प्रति गुस्से की अभिव्यक्ति है।

शबाना के चरित्र हर फिल्म में नई चुनौतियों का सामना करते हैं। ‘जीना यहां में’ एक जोड़ा शहर में जीने के लिए संघर्ष करता है तो ‘यह कैसा इंसाफ’ में वह अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाती हैं। ‘कमला’ मूवी एक खोजी पत्रकार की उस असल कहानी पर आधारित थी जो अपनी खबर के प्रमाण स्वरूप एक आदिवासी लड़की को खरीदता है। इस मूवी में वह अपने पति के दुस्साहस पर नाराज होती है।

‘एक डॉक्टर की मौत’ में वैक्सीन की खोज करने वाले अपने डॉक्टर पति के प्रति सीमा बहुत सहयोगी होती है, लेकिन वहीं पति के अपने काम में ही तल्लीन रहने पर वह गुस्सा भी दिखाती है।

शबाना की कई फिल्मों में संदेश उनके चरित्रों से भी बड़े थे। उदाहरण के लिए नसीर के साथ ‘पार’ और ओम पुरी के साथ ‘सुष्मान’ मूवीज को ले सकते हैं। ‘फायर’ मूवी पसंद, ‘मॉर्निंग राग’ संगीत और ‘नीरजा’ अपने प्रिय के खोने पर आधारित थी। शादीशुदा जिंदगी के अलावा भी शबाना ने कई दमदार भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन इनके बारे में फिर कभी बात करेंगे।



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अपनी पहली मूवी ‘अंकुर’ के एक दृश्य में शबाना आजमी।

मीडिया कवरेज से परेशान हुईं ड्रग्स केस में फंसी रकुल प्रीत सिंह, अदालत से इस पर रोक लगाने की मांग की September 26, 2020 at 09:52PM

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले में फंसी एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनके खिलाफ मीडिया में चल रहीं खबरों और पब्लिश हो रहे आर्टिकल्स को तुरंत रोकने के अंतरिम निर्देश दिए जाएं। रिपोर्ट्स की मानें तो आने वाले सप्ताह में इस मामले में सुनवाई हो सकती है।

शूटिंग के दौरान पता चली समन की बात

रकुल ने पिटीशन अपने वकीलों हिमांशु यादव, अमन हिंगोरानी और श्वेता हिंगोरानी के जरिए फाइल की है। इसमें दावा किया गया है कि रकुल प्रीत सिंह हैदराबाद में फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। 23 सितंबर की शाम को वे मीडिया रिपोर्ट्स में यह देखकर हैरान थीं कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती के ड्रग्स केस कनेक्शन में उन्हें समन भेजा है और 24 सितंबर को मुंबई में एनसीबी के सामने पेश होने के लिए कहा है।

24 सितंबर की सुबह तक समन नहीं मिला था

पिटीशन में लिखा है, "याचिकाकर्ता (रकुल) को उनके हैदराबाद या मुंबई के पते पर कोई समन नहीं मिला था। इसलिए वे हैदराबाद में रहीं। याचिकाकर्ता के पिता कर्नल कलविंदर सिंह (रिटायर्ड) ने 24 सितंबर की सुबह रिपोर्ट्स की सच्चाई का पता लगाने के लिए फ्लाइट से मुंबई जाने का फैसला लिया। हालांकि, 23 सितंबर की शाम से ही मीडिया ने फेक न्यूज चलानी शुरू कर दी थीं कि याचिकाकर्ता पूछताछ के लिए मुंबई पहुंच गई है, जबकि वे उस वक्त तक हैदराबाद में ही थीं।

केस के बारे में 24 सितंबर को पता चला

पिटीशन के मुताबिक, रकुल प्रीत सिंह को 24 सितंबर की सुबह करीब 11: 20 बजे एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 67 के तहत समन मिला, जो 23 सितंबर को वॉट्सऐप के जरिए भेजा गया था। इसमें उन्हें 24 सितंबर की सुबह 10 बजे एनसीबी के सामने पेश होने की बात कही गई थी। याचिका के मुताबिक, 24 सितंबर को एनसीबी से उन्हें मेल के जरिए पता चला कि उन्हें जिस केस में पेश होना है, वह क्राइम नं. MZU/NCB/15/2020 के रूप में दर्ज है।

पहले भी हाईकोर्ट जा चुकीं रकुल

पिछले हफ्ते रकुल प्रीत सिंह अचानक से तब चर्चा में आ गईं, जब एनसीबी के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती ने सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और फैशन डिजाइनर सिमोन खंबाटा का नाम लिया है। इसके बाद एक्ट्रेस ने मीडिया ट्रायल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने मीडिया को लेकर यह उम्मीद जताई थी कि वह रिया चक्रवर्ती के केस में रकुल प्रीत सिंह से संबंधित खबरों में संयम बरतेगा।

ड्रग्स लेने की बात से इनकार कर चुकीं

शुक्रवार को रकुल प्रीत सिंह एनसीबी के सामने पेश हुईं। इस दौरान उन्होंने यह तो मान लिया कि वे रिया चक्रवर्ती के साथ हुई ड्रग्स चैट का हिस्सा थीं। लेकिन यह भी कहा कि उन्होंने कभी ड्रग्स नहीं लिया। रकुल ने दावा किया था कि रिया उनके घर में अपना ड्रग्स छोड़कर चली गई थीं। इसी को लेकर दोनों के बीच बात हुई थी। रकुल के मुताबिक, वे खुद कभी किसी ड्रग पैडलर के संपर्क में नहीं रहीं।



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रकुल प्रीत सिंह से बीते शुक्रवार एनसीबी ने पूछताछ की थी। इस दौरान उन्होंने ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया था।

सिंगर मधुश्री ने कहा- मैंने भी लंबे समय तक रिजेक्शन और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स को झेला लेकिन डिप्रेशन या ड्रग्‍स की लत में नहीं पड़ी, काश सुशांत भी ऐसा कर पाते September 26, 2020 at 09:48PM

हिंदी और साउथ फिल्मों की मशहूर सिंगर मधुश्री का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में आने वाले आउटसाइडर्स को रिजेक्शन या पॉलिटिक्स से परेशान होकर डिप्रेशन में नहीं जाना चाहिए। उनके मुताबिक ऐसी कठिनाइयों का सामना बहुत से लोगों को करना पड़ता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप आत्मविश्वास ही खो दें। उन्होंने कहा कि काश सुशांत भी इस बात को समझ पाते और जीवन का महत्व समझकर मुश्किलों का सामना अच्छे से करते।

भास्कर के साथ खास बातचीत में मधुश्री ने बताया, 'सुशांत सिंह राजपूत की तरह मैं भी आउटसाइडर थी। मुंबई में नब्‍बे के दशक में गायिका बनने आई थी। मैंने भी ढेर सारे रिजेक्‍शंस झेले। तब की इंडस्‍ट्री की पॉलिटिक्‍स और सिंगरों की मोनोपॉली के चलते मुझे काम नहीं मिला। उसके बावजूद मैं झुकी नहीं।'

'सूरीनाम' जाकर संगीत सिखाया

उन्होंने बताया, 'जीवनयापन के लिए दक्षिण अमेरिका के छोटे से देश 'सूरीनाम' में जाकर म्‍यूजिक टीचर का भी काम किया। काश सुशांत सिंह राजपूत भी ऐसा कर पाते। जो भी आउटसाइडर हैं, उन सबसे मेरा कहना है कि हिम्‍मत ना हारें। रिजेक्‍शन के चलते डिप्रेशन या ड्रग्‍स में ना पड़ें। जीवन से बढ़कर कुछ नहीं है।'

बॉलीवुड में लगातार अनदेखी होती रही

आगे उन्होंने कहा, 'मैं एआर रहमान के लिए 32 हिट गाने दे चुकी हूं। साउथ में सैकड़ों गाने हैं। ‘बाहुबली 2’ में ‘कान्‍हा सो जा जरा’ गाने को 220 मिलियन व्‍यूज मिल चुके हैं। उसमें एमएम करीम जैसे कद्दावर संगीतकार का संगीत था। साउथ के हर बड़े संगीतकारों के लिए गाने गा चुकी हूं। उसके बावजूद मुंबई में बेस्‍ड बड़ी म्‍यूजिक कंपनियों और संगीतकारों की तरफ से बुलावा नहीं आया। ऐसा लगातार 20 सालों से होता रहा। मगर मैं टूटी नहीं। हताश नहीं हुई। कभी डिप्रेशन में नहीं गई। मन में सुसाइड के विचार नहीं आने दिए।'

अलका नहीं थीं तो मुझे मौका दिया था

'20 साल पहले जब मुंबई आई थी तो 400 से ज्‍यादा गीतकार, संगीतकार, प्रोड्यूसर और नामी म्‍यूजिक कंपनियों को अपने म्‍यूजिक ऑडियो कैसेट बतौर ऑडिशन भेजे। फिर भी मौका नहीं मिला। तब केवल कुमार शानू, अलका जी, कविता कृष्‍णमूर्ति और अनुराधा पौडवाल जी से सब गवाते थे।'
'राजेश रोशन जी ने भी ‘मोक्ष’ फिल्‍म में इसलिए गवाया कि अलका याग्निक उस दिन उपलब्ध नहीं थी। तब शंकर-एहसान-लॉय ने जरूर कुछेक मौके दिए। मगर फिर एआर रहमान के पास चेन्‍नई में तपस्‍या की और वहां काम मिल सका। वो मौका भी बड़ी मुश्किल से मिला था।'

जब काम मिला तो मेरे खिलाफ भड़काया

'20 साल पहले मुंबई प्रवास में राजेश रोशन और शंकर-एहसान-लॉय ने मौके दिए थे तो सबके कान खड़े हो गए थे। मुझे कई कंपोजरों ने कहा था कि तब तत्‍कालीन गायकों ने साउंड रिकॉर्डिस्‍टों के जरिए उन सबके पास मेरे बारे में गलत सूचनाएं वायरल की थीं कि मधुश्री तो साउथ बेस्‍ड है। वो नहीं गा पाएगी। बहरहाल, आज यूट्यूब चैनल और अपनी साउथ की दुनिया से संतुष्‍ट हूं।'

मधुश्री ने साथिया, कल हो ना हो, स्वदेस, युवा, किसना, पहेली, रंग दे बसंती, जोधा अकबर और बाहुबली 2 समेत बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए हिट गाने गाए हैं।

(जैसा अमित कर्ण को बताया)



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मधुश्री ने साल 2001 में फिल्म 'मोक्ष' में गाना गाते हुए अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी।